भगवान् का न्याय कितना निष्पक्ष है

माण्डव्य ऋषि तपस्या में लीन थे। उधर से कुछ चोर गुजरे। वे राजकोष लूट कर भागे थे। लूट का धन भी उनके साथ था। राजा के सिपाही उनका पीछा कर रहे थे। चोरों ने लूट का धन ऋषि की कुटिया में छिपा दिया और स्वयं भाग गये। सिपाही जब वहाँ पहुँचे तो चोरों की तलाश […]

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जब तक किसी के पुण्य की जड़ें हरी हैं, तब तक कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता

एक बड़ा व्यापारी नदी में स्नान करने गया। उस दिन वहां काफी भीड़ थी। व्यापारी की नजर नदी में डूबते हुए एक व्यक्ति पर पड़ी। वह तुरंत नदी में कूद गया। व्यक्ति को बाहर निकालने पर देखा कि वह उनका अकाउंटेंट था। कुछ देर बाद अकाउंटेंट को होश आया। व्यापारी ने उससे इस हालत में […]

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તેજાબી વિચારો : શ્રીચંદ્રકાન્ત બક્ષી

એક ઉંમર હોય છે પ્રેમ થઈ જવાની, અને એક ઉંમર હોય છે પ્રેમ કરવાની, અને એક ઉંમર હોય છે પ્રેમ કરી લેવાની, અને એક ઉંમર હોય છે પ્રેમની નિષ્ફળતાનો સ્વીકાર કરી લેવાની. સૌથી મોટી ટ્રેજેડી ‘નોટ ટુ લવ ‘ નથી, પણ ‘નોટ ટુ બી લવ્ડ” છે . આપણે કોઈને પ્રેમ ન કરીએ એ ટ્રેજેડી નથી, […]

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ईश्वर ने नकद पैसे तो आज तक किसी को भी नहीं दिए |

पुराने जमाने की बात है। एक मजदूर बिल्कुल अकेला था। कभी आवश्यकता होती तो मजदूरी कर लेता तो कभी यूं ही रह जाता। एक बार उसके पास खाने को कुछ नहीं था। वह घर से मजदूरी ढूंढने के लिए निकल पड़ा। गर्मी का मौसम था और धूप बहुत तेज थी। उसे एक व्यक्ति  दिखा जिसने […]

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संसार किसी के लिए भी नही रुकता

एक घर के मुखिया को यह अभिमान हो गया कि उसके बिना उसके परिवार का काम नहीं चल सकता। उसकी छोटी सी दुकान थी। उससे जो आय होती थी, उसी से उसके परिवार का गुजारा चलता था। चूंकि कमाने वाला वह अकेला ही था इसलिए उसे लगता था कि उसके बगैर कुछ नहीं हो सकता। […]

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उसका प्रेम देखती हूँ, पलड़ो पर संतरे अपनें आप बढ़ जाते हैं।

एक डलिया में संतरे बेचती बूढ़ी औरत से एक युवा अक्सर संतरे खरीदता । अक्सर, खरीदे संतरों से एक संतरा निकाल उसकी एक फाँक चखता और कहता, “ये कम मीठा लग रहा है, देखो !” बूढ़ी औरत संतरे को चखती और प्रतिवाद करती “ना बाबू मीठा तो है!”वो उस संतरे को वही छोड़,बाकी संतरे ले […]

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એક માણસ સાધુ પાસે ગયો..તેણે કહ્યું કે, “મારું કોઈ નથી.”

એક માણસ સાધુ પાસે ગયો..તેણે કહ્યું કે, “મારું કોઈ નથી.” સાધુએ પૂછયું કે, “કેમ તારી પાસે મા-બાપ, ભાઈ-બહેન, સગાં-વહાલાં, મિત્રો, પાડોશીઓ, સાથે કામ કરતા લોકો નથી?” પેલા માણસે કહ્યું, “બધાં છે પણ મારા કોઈ નથી. બધા નક્કામા છે. મારું કોઈ નથી.” આ વાત સાંભળીને સાધુએ સવાલ કર્યા કે, “હવે તું મને કહે કે તું કોનો […]

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